ढाकाः बांग्लादेश के संसदीय चुनाव में ठाकुरगांव-3 के नवनिर्वाचित बीएनपी सांसद जहीदुर रहमान ने हिंदुओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अपनी जीत का हिंदू वोटरों को दिया है। जहीदुर रहमान ने हिंदू समुदायों को इस अपार समर्थन के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि हिंदुओं का भरोसा ही मेरी ताकत बना। वहीं पंचगढ़-2 के सांसद फरहाद हुसैन आजाद ने भी हिंदुओं का आभार जताते हुए उन्हें निडर और सुरक्षित रहने का भरोसा दिया है।
जहीदुर रहमान ने कहा, “मेरी जीत हमारे सनातन भाइयों-बहनों के प्यार और वोटों से संभव हुई। उनका विश्वास मेरी सबसे बड़ी ताकत बना। उन्होंने आगे कहा कि ठाकुरगांव-3 क्षेत्र में हिंदू समुदाय ने बीएनपी को खुलकर समर्थन दिया और चुनाव में उनकी भागीदारी ने पार्टी को निर्णायक बढ़त दिलाई। उन्होंने वादा किया कि वे संसद में अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन के लिए मजबूती से आवाज उठाएंगे। यह बयान बांग्लादेश में हालिया चुनावों के बाद अल्पसंख्यक समुदायों के प्रति बीएनपी के रुख को दर्शाता है, जहां पार्टी ने 212 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। जहीदुर रहमान का यह बयान सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है और कई लोगों ने उनकी संवेदनशीलता की सराहना की है।
बता दें कि बांग्लादेश के हिंदुओं ने बड़े पैमाने पर बीएनपी का सपोर्ट किया है। आवामी लीग की गैरमौजूदगी में हिंदू समुदायों ने खुलकर बीएनपी के समर्थन में वोटिंग की है। इससे बीएनपी को 13वें संसदीय चुनाव में 299 में से 212 सीटें हासिल हुई हैं। तारिक रहमान अब बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं।
पंचगढ़ 2 से बीएनपी के नवनिर्वाचित सांसद फरहाद हुसैन आजाद ने जीत के बाद स्थानीय हिंदुओं से मुलाकात की और विशेष रूप से उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि आप अपने त्योहार, पूजा-पाठ, व्यापार और सभी कार्य शांतिपूर्वक मना सकेंगे। मैं सभी मतदाताओं के साथ समान व्यवहार करूंगा, लेकिन जाहिर है कि मैं सनातनियों का विशेष ध्यान रखूंगा। क्योंकि आपके वोट के बिना मेरे लिए यहां जीतना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि पंचगढ़ 2 में, सभी सर्वेक्षण विश्लेषक जमात को प्रबल दावेदार बता रहे थे, लेकिन यहां देबीदार और बोडा उपजिला में, मुझे पता था कि हिंदू ही बीएनपी को बचाएंगे। बोडा में बोधेश्वरी मंदिर नामक शक्तिपीठ है, जहां मैंने 2022 में दर्शन किए थे।
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